उपसरपंच कैसे बनें? उपसरपंच की सैलरी, योग्यता, कार्य, अधिकार 

उपसरपंच कैसे बनें? उपसरपंच की सैलरीउपसरपंच का नाम ग्रामीण क्षेत्र में सरपंच के बाद लिया जाता है, क्योंकि प्रत्येक ग्राम में सरपंच के बाद उप सरपंच ही मुख्य व्यक्ति होता है, जो सरपंच की गैरमौजूदगी में और सरपंच की देखरेख में कार्य करता है। सरपंच के बाद उपसरपंच ही वे सभी कार्य और जिम्मेदारियों को निभाता है, जो सरपंच का काम है। इसीलिए उपसरपंच एक मुख्य पद माना जाता है। परंतु उपसरपंच का चुनाव आमतौर पर नहीं होता है, क्योंकि लोग आपसी सहमति से ही निर्विरोध उपसरपंच बना देते हैं। उपसरपंच की सैलरी

गांव के लोग सरपंच को चुनने के बाद सरपंच का चुनाव होने के बाद किसी एक व्यक्ति को उपसरपंच बना देते हैं। आमतौर पर उपसरपंच का चुनाव नहीं होता है, क्योंकि उपसरपंच कोई बड़ा और खास पद नहीं है और ना ही इसमें ज्यादा कमाई होती है। इसलिए ना तो उपसरपंच का चुनाव होता है और ना ही इस चुनाव में ज्यादा पैसे खर्च होते हैं। लेकिन कुछ राज्यों में और कभी कबार लोगों में आपसी सहमति नहीं बनने पर उपसरपंच का भी चुनाव करवाया जाता है। तो आइए उपसरपंच का चुनाव की प्रक्रिया, योग्यता, सैलरी, कार्य, अधिकार, इत्यादि संपूर्ण जानकारी विस्तार से प्राप्त करते हैं।

सरपंच कैसे बने? सरपंच की सैलरी, योग्यता, कार्य, अधिकार

उपसरपंच कौन होता है – (UpSarpanch Kon Hota Hai)

उपसरपंच का स्थान सरपंच के बाद दूसरे नंबर पर आता है। जिस तरह से हमारे देश में मुख्यमंत्री के बाद उपमुख्यमंत्री होता है, एवं प्रधानमंत्री के बाद उप प्रधानमंत्री होता है! ठीक उसी प्रकार गांव में सरपंच के बाद उपसरपंच आता है। उप सरपंच का कार्य सरपंच की गैरमौजूदगी में होता है। यदि कभी सरपंच अनुपस्थित रहता है, तब सरपंच के सारे कार्य उपसरपंच ही करता है। सरपंच की आकस्मिक मृत्यु या सरपंच को बर्खास्त करने पर उप चुनाव होने तक गांव का विकास कार्य और गांव की जिम्मेदारी उपसरपंच की होती है।

उपसरपंच की सैलरी
                                       उपसरपंच की सैलरी                        

 

उपसरपंच की योग्यता क्या है – (Eligibility For UpSarpanch)

  • न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए।
  • कुछ राज्यों में आठवीं पास दसवीं पास या 12 वीं पास होना चाहिए।
  • कुछ राज्यों में उम्मीदवार के दो से अधिक बच्चे नहीं होने चाहिए।
  • उम्मीदवार मानसिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए।
  • उम्मीदवार के ऊपर किसी भी तरह का आपराधिक मामला दर्ज नहीं होना चाहिए।
  • उम्मीदवार के घर पर शौचालय बना हुआ होना चाहिए।

उपसरपंच का चुनाव कैसे होता है (UpSarpanch Voting Process)

ग्राम के उपसरपंच का चुनाव सरपंच के चुनाव की तुलना में अलग होता है। उपसरपंच का चुनाव केवल वही व्यक्ति कर सकते हैं, जो वार्ड पंच हैं। चुने गए वार्ड पंच ही इस चुनाव में हिस्सा ले सकते हैं और उपसरपंच का चयन कर सकते हैं, उपसरपंच के चुनाव में हिस्सा ले सकते हैं। इसीलिए आमतौर पर उपसरपंच को बिना चुनाव के ही लोगों की आपसी सहमति से माला पहनाकर उपसरपंच बना दिया जाता है।

उपसरपंच का चुनाव पीठासीन अधिकारी द्वारा करवाया जाता है। पीठासीन अधिकारी चुनाव का ऐलान करता है, जिसके बाद चुनाव वाले दिन गांव के सभी चुने गए वार्ड पंच एकत्रित होते हैं और अपनी पसंद से उपसरपंच का चुनाव करते हैं। इसमें जिस उप सरपंच उम्मीदवार को अत्यधिक मत मिलते हैं, वह विजय कहलाता है। उपसरपंच के चुनाव हेतु भी सीटों का एलान किया जाता है। महिला, पुरुष, सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी, मुस्लिम, इत्यादि। सरकार वर्ग के अनुसार सीटों का ऐलान करती है और उन सीटों की योग्यता के अनुसार ही हो उपसरपंच के पद हेतु उम्मीदवार खड़े होते हैं।

वार्ड पंच कैसे बनें? वार्ड पंच की सैलरी, योग्यता, कार्य, अधिकार 

इस तरह से गांव के उपसरपंच का चुनाव करवाया जाता है। उपसरपंच का नंबर सरपंच के बाद आता है। इसलिए इस पद हेतु कोई मारामारी नहीं होती है और ना ही इसमें कोई मोटी कमाई होती है। यह केवल नाममात्र का ही एक पद होता है, जो शायद ही कभी काम आता है। उपसरपंच की सैलरी

उपसरपंच के कार्य – (UpSarpanch s’ Work)

उपसरपंच भी अनेक सारे कार्य होते हैं, जो प्रत्येक राज्य के पंचायती राज अधिनियम के अंतर्गत प्रदान किए जाते हैं। इन अधिकारों के अनुसार यदि किसी कारणवश सरपंच को हटाया जाए, तो उसके बाद उपसरपंच ही सरपंच का संपूर्ण कार्यभार संभालता है। यदि कभी सरपंच की मृत्यु हो जाती है? तो उसके बाद भी सरपंच का संपूर्ण कार्य और विकास कार्य की देखरेख उपसरपंच ही करता है।

ग्राम पंचायत की सभी बैठकों में उपसरपंच हिस्सा लेता है और अपना पक्ष रखता है। सरपंच की गैरमौजूदगी में ग्राम पंचायत की बैठकों का नेतृत्व उपसरपंच ही करता है। उपसरपंच गांव के सभी सरकारी संस्थानों की जिम्मेदारी और देखभाल का कार्य करता है। सरपंच की गैरमौजूदगी में गांव का विकास कार्य करवाता है। मतलब की सरपंच की गैरमौजूदगी में सरपंच के सारे कार्य उपसरपंच ही करता है।

उपसरपंच की सैलरी – उपसरपंच की कमाई कितनी होती है – (UpSarpanch Earings)

उपसरपंच की कमाई हर महीने 12 से ₹15000 के बीच होती है क्योंकि यह उप सरपंच का वेतन है। इसके अलावा उपसरपंच कि किसी भी तरह की कोई भी कमाई नहीं होती है। क्योंकि गांव का सारा विकास कार्य सरपंच ही करवाता है और सरपंच अपनी देखरेख में गांव के विकास कार्य का बजट काम में लेता है। इसीलिए सरपंच ही अपनी मोटी कमाई करता है। उपसरपंच की कोई अतिरिक्त कमाई की नहीं होती है। इसीलिए उपसरपंच का चुनाव भी आमतौर पर नहीं होता है, निर्विरोध ही उपसरपंच बना दिया जाता है।

FAQ : उपसरपंच से संबंधित प्रश्न और उत्तर –

Q. उपसरपंच कैसे बनें?

उपसरपंच बनाने के लिए उम्मीदवार को दावेदारी पेश करनी होती है, जिस पर चुने गए वार्ड पंच अपना चुनाव करते हैं।

Q. उपसरपंच का चुनाव कौन करवाता है?

उपसरपंच का चुनाव राज्य का पीठासीन अधिकारी करवाता है।

Q. उपसरपंच क्या कार्य करता है?

जब गांव का सरपंच अनुपस्थित रहता है, तब उपसरपंच ही सरपंच के सभी कार्य करता है।

Q. उप सरपंच की योग्यता क्या है?

गांव का कोई भी नागरिक 21 वर्ष की आयु के बाद उप सरपंच बन सकता है।

Q. उपसरपंच कितना पैसा कमाता है?

यदि सरपंच का कार्य उपसरपंच ही कर रहा है? तो वह सरपंच के जितना पैसा कमा सकते हैं। लेकिन आमतौर पर उपसरपंच ₹30000 तक कमा लेता है।

Q. उपसरपंच के कौन-कौनसे अधिकार हैं?

सरपंच के विकास कार्यों पर सवाल खड़े कर सकता है। सरपंच के द्वारा किए गए कार्यों पर जांच बैठा सकता है।

Q. उप सरपंच का वेतन (उप सरपंच की सैलरी) कितनी होती है?

उपसरपंच को हर महीने 12000 से ₹15000 मिलते हैं।

Q. उप सरपंच बनने के लिए शिक्षा कितनी होनी चाहिए?

उप सरपंच बनने के लिए 8वीं पास 10वीं पास 12वीं पास या बिना पढ़े लिखे, अलग-अलग राज्यों के अनुसार अलग-अलग योग्यता है।

Q. उपसरपंच क्या होता है?

सरपंच के बाद दूसरा पद उपसरपंच का आता है। जिस तरह से उपमुख्यमंत्री एवं उप प्रधानमंत्री होता है? ठीक उसी तरह उपसरपंच भी होता है, जो सरपंच की गैरमौजूदगी में गांव का विकास कार्य करवाता है और वह सभी काम करता हैं, जो सरपंच करते हैं।

Conclusion

उप सरपंच का पद सरपंच के बाद दूसरे स्थान पर आता है। जब कभी भी सरपंच अनुपस्थित रहता है, तब सरपंच का कार्य उपसरपंच करता है। यदि कभी सरपंच की आकस्मिक मृत्यु हो जाती है, तो उस स्थिति में गांव का विकास कार्य और गांव की जिम्मेदारी उपसरपंच की होती है। उपसरपंच अपनी देखरेख में सरपंच का सभी कार्य करता है।

उप सरपंच का पद गांव की राजनीति में कोई विशेष योगदान तो नहीं रखता है, लेकिन सरपंच के चुनाव होने के बाद गांव के मुखिया और सरपंच की सहमति से किसी एक को उपसरपंच बना दिया जाता है। उपसरपंच का चुनाव राज्य का पीठासीन अधिकारी अपनी देखरेख में करवाता है। इसीलिए हम उम्मीद करते हैं कि हमारे द्वारा लिखा हुआ यह आर्टिकल आपके लिए जरूर ही उपयोगी साबित हुआ होगा। यदि आपका कोई प्रश्न है? तो आप कमेंट करके पूछ सकते हैं। उपसरपंच की सैलरी

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